Thursday, December 13, 2018

गौ विज्ञान डाक्यूमेंट्री फ़िल्म

गौ विज्ञान डाक्यूमेंट्री फ़िल्म

यह *गौ ज्ञान विज्ञान* ( SCIENCE OF COW ) का पूरा documentary फिल्म है ।

इसे PC पर full HD मे डाउनलोड करके projector के माध्यम से गाँव मे दिखा सकते हैं

 https://youtu.be/L7MfkhtRyxU

Vedas

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https://india.agniveer.com/collections/bestsellers-ebooks/products/cwoav_bun_agni_e

गौ कथा

गौ कथा

ये कथा भीष्म पितामह ने युधिषिठर को सुनाई थी .
असल में भीष्म पितामह का कहना था कि गाय का मूत्र और गोबर इतना गुणवान है कि इससे हर रोग का निवारण हो सकता है
इतना ही नहीं इसमें माँ लक्ष्मी का भी वास होता है इसलिए इसे बहुत शुभ माना जाता है
 गाय की पवित्रता भी दर्शा रहे है
हमारे हिन्दू धर्म में गाय को माँ का दर्ज़ा दिया जाता है . कुछ लोग इससे गाय माँ और कुछ गाय माता कहते है . यहाँ तक कि अगर हम शास्त्रो का इतिहास देखे तो गाय भगवान् कृष्ण को बहुत प्रिय लगती थी इसलिए तो वो ज्यादातर समय अपनी गायों के साथ व्यतीत करते थे . ये अलग बात है कि आज कल गाय को खाने की वस्तु के रूप में भी प्रयोग किया जाने लगा है जिसके लिए बहुत खेद है .

हम जानते है कि केवल हमारे खेद करने से ये पाप रुकने नहीं वाला इसलिए समझाने से कोई फायदा नहीं बस उम्मीद कर सकते है जो लोग गाय को एक वस्तु समझ कर उसका सेवन करते है वो भी जल्द ही ये सब बन्द कर दे

भीष्म पितामह ने सुनाई युधिषिठर को ये कथा..
—एक बार लक्ष्मी जी ने मनोहर रूप यानि बहुत ही अध्भुत रूप धारण करके गायों के एक झुंड में प्रवेश कर लिया और उनके इस सुंदर रूप को देखकर गायों ने पूछा कि, देवी . आप कौन हैं और कहां से आई हैं?

गायों ने ये भी कहा कि आप पृथ्वी की अनुपम सुंदरी लग रही हो . तब गायों ने एकदम से कहा कि सच सच बताओ, आखिर तुम कौन हो और तुम्हे कहाँ जाना है ?
तब लक्ष्मी जी ने विन्रमता से गायों से कहा कि तुम्हारा कल्याण हो असल में मैं इस जगत में अर्थात संसार में लक्ष्मी के नाम से प्रसिद्ध हूं और सारा जगत मेरी कामना करता है मुझे ही पाना चाहता है . मैंने दैत्यों को छोड़ दिया था और इसलिए वे सदा के लिए नष्ट हो गए
इतना ही नहीं मेरे आश्रय में रहने के कारण इंद्र, सूर्य, चंद्रमा, विष्णु, वरूण तथा अग्नि आदि सभी देवता सदा के लिए आनंद भोग रहे हैं। इसके बाद माँ लक्ष्मी ने कहा कि जिनके शरीर में मैं प्रवेश नहीं करती, वे सदैव नष्ट हो जाते हैं और अब मैं तुम्हारे शरीर में ही निवास करना चाहती हूं
लेकिन इसके बाद भी कथा अभी खत्म नहीं हुई क्योंकि गायों ने अब तक माँ लक्ष्मी को अपनाया नहीं था .

गायों ने क्यूँ किया माँ लक्ष्मी जी का त्याग..
देवी लक्ष्मी की इन बातों को सुनने के बाद गायों ने कहा कि तुम बड़ी चंचल हो, इसलिए कभी कहीं भी नहीं ठहरती . इसके इलावा तुम्हारा बहुतों के साथ भी एक सा ही संबंध है, इसलिए हमें तुम्हारी इच्छा नहीं है तुम्हारी जहां भी इच्छा हो तुम चली जाओ तुमने हमसे बात की, इतने में ही हम अपने आप को तुम्हारी कृतार्थ यानि तुम्हारी आभारी मानती हैं

गायों के ऐसा कहने पर लक्ष्मी ने कहा , कि ये तुम क्या कह रही हो ? मैं दुर्लभ और सती हूं अर्थात मुझे पाना आसान नहीं ,पर फिर भी तुम मुझे स्वीकार नहीं कर रही, आखिर इसका क्या कारण है ? यहाँ तक कि देवता, दानव, मनुष्य आदि सब कठोर तपस्या करके मेरी सेवा का सौभाग्य प्राप्त करते हैं अत:तुम भी मुझे स्वीकार करो . वैसे भी इस संसार में ऐसा कोई नहीं जो मेरा अपमान करता हो .

ये सब सुन कर गायों ने कहा , कि हम तुम्हारा अपमान या अनादर नहीं कर रही, केवल तुम्हारा त्याग कर रही हैं और वह भी सिर्फ इसलिए क्योंकि तुम्हारा मन बहुत चंचल है . तुम कहीं भी जमकर नहीं रहती अर्थात एक स्थान पर नहीं रुक सकती . इसलिए अब बातचीत करने से कोई लाभ नहीं तो तुम जहां जाना चाहती हो, जा सकती हो इस तरह से गायों ने माँ लक्ष्मी का त्याग कर दिया क्योंकि गायों को मालूम था कि लक्ष्मी कभी किसी एक के पास नहीं रहती बल्कि पूरे संसार में घूमती है पर फिर भी माँ लक्ष्मी ने हार नहीं मानी और इतना सब होने के बाद भी वार्तालाप ज़ारी रखी
अब आखिर में माँ लक्ष्मी ने कहा , गायों. तुम दूसरों को आदर देने वाली हो और यदि तुमने ही मुझे त्याग दिया तो सारे जगत में मेरा अनादर होने लगेगा . इसलिए तुम मुझ भी पर अपनी कृपा करो मैं तुमसे केवल सम्मान चाहती हूँ

तुम लोग सदा सब का कल्याण करने वाली, पवित्र और सौभाग्यवती हो तो मुझे भी बस आज्ञा दो, कि मैं तुम्हारे शरीर के किस भाग में निवास करूं?
इसके बाद गायों ने भी अपना मन बदल लिया और गायों ने कहा, हे यशस्विनी . हमें तुम्हारा सम्मान आवश्य ही करना चाहिए  इसलिए तुम हमारे गोबर और मूत्र में निवास करो, क्योंकि हमारी ये दोनों वस्तुएं ही परम पवित्र हैं।

तब माँ लक्ष्मी ने कहा, धन्यवाद् और धन्यभाग मेरे, जो तुम लोगों ने मुझ पर अनुग्रह किया यानि मेरे प्रति इतनी कृपा दिखाई मैं आवश्य ऐसा ही करूंगी . मैं सदैव तुम्हारे गोबर और मूत्र में ही निवास करूंगी सुखदायिनी गायों अर्थात सुख देने वाली गायों तुमने मेरा मान रख लिया , अत: तुम्हारा भी कल्याण हो बस यही वजह है कि गाय की इन दो वस्तुओ को लक्ष्मी का ही रूप समझा जाता है .

             इस कथा को पढ़ने के बाद ये तो समझ आ ही गया होगा कि गाय का धार्मिक ग्रंथो के अनुसार कितना महत्व है।

Vaccination or Assassination


VACCINATION OR ASSASSINATION





















Suvarn prashan ( search suvarnaprashan in Youtube ) . Some useful links -

https://youtu.be/lDuTFnEmNMo

https://youtu.be/LR8Nli57aAI

https://youtu.be/OznwK_i5weY

https://youtu.be/4yUtR7u0EkM

https://youtu.be/UWtKocLkD5w

https://youtu.be/bNWfGnp3fXA

https://youtu.be/P1sFhvcwq5E


Vaccination - The Hidden truth Documentary on I'll effects of Vaccination (Youtube)-

https://youtu.be/cqsT5EoIk8U

Gomata's milk ( Milk from Desi Cow, Zebu Cow , Cow with hump ) is Nectar on earth. Mahabharat also says the same.It improves immunity power of child.

Some of the renowned people who are taking Desi Cow milk are - Kautilya the Google Boy, Wrestler Sakshi Malik, Wrestler Sushil Kumar, Wrestler Sanjay from Palwal (he made 4 world records in 2018).

Vitamin D is only present in Cow Milk (there is no other natural source apart from Sunlight).

Research has shown that 1 litre of Cow milk has got around 55 Rs of Gold.

Panchgavya ( mixture of 5 products of Cows- doodh, dahi, ghi ,gomutra , govar) is also given to new born children.,  which increase there immunity power throughout life (usually given for first 7-8 days of newborn child ). Some ayurvedic companies , ashrams and Gaushala do make panchgavya. In shashtras it is said PANCHGAVYA could remove all the diseases from bone to skin , toe to head.

गौमाता का दूध , पंचगव्य एक प्राकृतिक टीका है । टीका करण के विभिन्न दुष्परिणाम है जो वैज्ञानिको ने सामने लाये है । हर दिन एक नया टीका बढ़ रहा है । बच्चा इतने इंजेक्शनों से वैसे ही दुसप्रभावित होगा ।

पीछे नोएडा की कंपनी ने पोलियो के टीके में पोलियो के वायरस डाल दिये , जिससे लाखो बच्चो को पोलियो का खतरा बढ़ गया है -
https://www.amarujala.com/delhi-ncr/banned-elements-found-in-polio-vaccine-action-on-company-in-ghaziabad




Cow Conference 2018 in California

Cow Conference 2018 was organised in California on 20May2018. Well known social activist and member of parliament Dr Subramanian Swamy was keynote speaker.
ISKCON's Bhakti Charu Swami was chief guest of the conference.

Click below Youtube link to see evwnt highlights-

https://youtu.be/um5Cj5B7LoQ

भाजपा के एकमात्र उम्मीदवार गौभक्त राजा सिंह तेलंगाना से विजयी हुए

तेलंगाना से भाजपा के एक मात्र उम्मीदवार विधानसभा इलेक्शन 2018 में विजयी हुए है , वो है गोभक्त राजा सिंह । भाजपा को गौसेवा ही विजयी बनायेगी । सभी भाजपा के लोग यदि गौभक्त राजा सिंह जैसे गौसेवा में लगे तो उनका जीतना निश्चित है । 

हिमाचल विधानसभा में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

हिमाचल विधानसभा में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित


https://www.google.com/amp/s/www.amarujala.com/amp/shimla/proposal-to-declare-cow-as-nation-mother-passed-unanimously-in-himachal-assembly

( अमर उजाला, 13दिसंबर2018 )
After Uttarakhand ,Himachal Government has declared Divine Mother Cow as Mother of Nation .
उत्तराखंड के बाद हिमाचल भी गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने के पक्ष में खड़ा हो गया है। तपोवन में शीतकालीन सत्र के चौथे दिन कांग्रेस विधायक की ओर से लाए संकल्प प्रस्ताव को सत्तारूढ़ दल भाजपा और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सदस्यों ने हां मिलाते हुए सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध की ओर से लाए गैर सरकारी सदस्य कार्य संकल्प को पारित करने के बाद अब स्वीकृति के लिए केंद्र को भेजा जाएगा। वीरवार को प्राइवेट मेंबर्स डे पर कसुम्पटी से कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के बारे में कोई नीति बनाने पर विचार करने का संकल्प सदन में लेकर आए। 

अनिरुद्ध ने कहा कि गाय का इस्तेमाल करने के बाद उसे लावारिस छोड़ा जा रहा है। इसकी दुर्दशा इतनी हुई कि मोब लिंचिंग का दौर भी चला। गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाना चाहिए। इस पर पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए हामी भरी।

इसके बाद संकल्प सदन में सर्वसम्मति से पारित हो गया। पशुपालन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2011-12 की गणना के अनुसार हिमाचल में 21 लाख 49 हजार गायें पंजीकृत हुईं। इनमें से 40 हजार गायें सड़कों पर हैं। सिर्फ 10 हजार गायें गोशालाओं में हैं।